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राजस्थान के प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल

राजस्थान पर्यटन

  • जैसलमेर किला
  • नक्की लेक
  • सिलिसेह लेक
  • पद्मिनी पैलेस
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  • द सिटी पैलेस
  • गाल्ता पैलेस
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  • जंतर मंतर
  • कुंभलगढ़ किला
  • मेहरानगढ़ किला
  • रणथंबौर राष्ट्रीय उद्यान
  • सरीस्का राष्ट्रीय उद्यान
  • बांदेश्वर मंदिर
  • रानी सती मंदिर
  • जल महल

राजस्थान में खरीदारी
राजस्थान में खरीदारी एक खुशनुमा अनुभव है। हस्तशिल्प और हैंडलूम्स बनाने में यह जमीन पारंपरिक रूप से समृद्ध रही है। वास्तव में, राजस्थान में कला और शिल्प की परंपरा राजवाड़ों के संरक्षण में फली-फूली। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग हस्तशिल्प उसकी विशेषता है, जो आपको खरीदारी को मजबूर कर देते हैं।

चूंकि मूल्यवान और कम मूल्यवान नग राजस्थान में बहुतायत में पाए जाते हैं, इसलिए स्थानीय कलाकारों ने उससे बेहतरीन जेवरात गढ़े हैं।

राजस्थानी कलाकारों ने चमड़े और कपडे पर भी अपने हस्तशिल्प की अमिट छाप छोड़ी है। सबसे महत्वपूर्ण है राजस्थानी कलाकृतियों में चटक रंगों की चमक।

यहां के कलाकारों ने मिट्टी की वस्तुओं को भी अद्भुत तरीके से गढ़ा है। राजस्थानी पेंटिंग का भारतीय कला के क्षेत्र में विशेष स्थान है। जो मोटी लकीरों और चटक रंगों के मोहित कर देने वाले इस्तेमाल से बनती हैं।

राजस्थान में यात्रा करने के लिए स्थान
भारत का राजस्थान राज्य इलाके के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य है और यह भारत का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां देश और विदेश दोनों जगह से बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। राजस्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सुनहरे रेगिस्तान, ऐतिहासिक किले और महल तथा कला एवं संस्कृति के लिए जाना जाता है। यह प्रांत उस गोल्डन ट्राइंगल का हिस्सा है जिसमें दिल्ली और आगरा जैसे शहर शामिल हैं।

हर तीसरा विदेशी सैलानी जो भारत आता है वह राजस्थान जरुर जाता है, इससे राजस्थान में पर्यटन बहुत फल-फूल रहा है। जयपुर के प्राचीन महल, उदयपुर की खूबसूरत और रोमांटिक झीलें, जैसलमेर का रेगिस्तान और रेत के टीले, माउंट आबू का जैन मंदिर, पुष्कर का रंगीन पशु मेला और जोधपुर का भव्य उम्मेद भवन राजस्थान के कुछ खास आकर्षणों में से हैं जो पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। यहां का पर्यटन उद्योग इतना बड़ा है कि राजस्थान के सकल घरेलू उत्पाद में इसका योगदान 80 प्रतिशत है। कई पुराने और उपेक्षित किले और महलों को राजस्थान हेरिटेज होटल में तब्दील कर दिया गया है। पर्यटन ने हाॅस्पिटेलिटी यानि आतिथ्य क्षेत्र में रोजगार में बहुत वृद्धि की है।

पैलेस आॅन व्हील्स और राॅयल राजस्थान आॅन व्हील्स ऐसी लक्जरी रेले हैं जो इस अद्भुत राज्य को देखने का शानदार तरीका हैं। इन रेलों के लिए एडवांस बुकिंग राजस्थान पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट से की जा सकती है।

राजस्थान में देखने के लिए स्थान

अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय
जयपुर में रामनिवास बाग के उद्यानों के बीच अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय या केंद्रीय संग्रहालय राजस्थान राज्य के सबसे पुराने संग्रहालयों में से एक है। अल्बर्ट हाॅल संग्रहालय को लंदन के अल्बर्ट संग्रहालय की तर्ज पर बनाया गया है और यह भारतीय-अरब शैली का प्रतीक है।

स्थान – यह संग्रहालय राजस्थान में जयपुर के रामनिवास बाग में स्थित है।

आमेर किला
राजस्थान की राजधानी जयपुर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर जयपुर दिल्ली हाइवे के पास एक पहाड़ी पर आमेर का किला स्थित है। इसकी वास्तुकला मुगल और राजपूत वास्तुकला शैली की है और इसमें संगमरमर और लालपत्थरों का मिश्रण है।

मावठा झील इस किले को और खूबसूरत बनाती है। मजबूत प्राचीर और सुंदर महल जयपुर के आमेर के किले को राज्य का सबसे खास आकर्षण बनाते हैं। इस किले का लोकप्रिय नाम आमेर किला है।

सिटी पैलेस
जयपुर के शाही शहर में स्थित सिटी पैलेस वास्तुकला का अद्भुत नमूना है। इस महल की नींव महाराजा जय सिंह द्वितीय ने रखी थी। वह 18वीं सदी में आमेर के कछवाह राजपूत राजा थे। इस महल की खूबसूरत संगमरमर की नक्काशी वाली आंतरिक सज्जा, शानदार खंभे, जाली का काम और जड़ाउ सजावट इसे सैलानियों के लिए खास आकर्षण बनाती है। जलेब चैक और त्रिपोलिया गेट जयपुर के सिटी पैलेस के दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं। इस भव्य महल के वास्तुकार कर्नल जैकब ने इसमें मुगल, राजपूत और यूरोपीय शैली की वास्तुकला का मेल किया है।

गलताजी मंदिर
आलीशान जंतर मंतर और रोशन हवा महल वाले गुलाबी शहर जयपुर में में कई मंदिर भी हैं, जहां साल भर बड़ी संख्या में लोग आते हैं। गलता मंदिर भी इनमें से ही एक है।

गलता मंदिर चारों ओर से दुर्गम इलाके से घिरा है और इसे ‘बंदरों के मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। इसका नज़ारा अद्भुत है। एक पहाड़ की चोटी पर स्थित यह मंदिर खूबसूरत ‘सिसोदिया रानी का बाग’ के बिलकुल नजदीक है। इसी मंदिर में संत गालव ने तपस्या की थी। रामानंद के धार्मिक आदेश पर भगवान कृष्ण के ढेरों भक्त यहां बड़ी संख्या में आते हैं।

हवा महल
शाही हवा महल खूबसूरत गुलाबी शहर का शायद सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला पर्यटन स्थल है। महाराजा सवाई प्रताप सिंह द्वारा सन् 1799 में स्थापित यह ‘हवा का महल’ राजस्थान के रंगीन इतिहास और संस्कृति का परिचायक है।

हवा महल भव्य सिटी पैलेस का एक हिस्सा है और इसमें राजस्थान और मुगल वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण है। गुलाबी बलुआ पत्थरों से बना यह महल लगभग पांच मंजिल उंचा है और राजस्थान के सबसे उल्लेखनीय स्मारकों में से एक है।

जंतर मंतर
ये कायनात और ये विशाल सृष्टि इंसानों के लिए हमेशा से ही एक पहेली रही है। प्राचीन काल से ही इस कायनात ने इंसान को मोहित किया है।

इस कायनात को जानने के लिए ही कई वेधशालाएं बनाई गई हैं और जयपुर में बना जंतर मंतर उनमें से एक है। महाराजा सवाई जय सिंह की पूरे उत्तर भारत में बनवाई गई पांच वेधशालाओं में से जयपुर का जंतर मंतर सबसे बड़ा और संरक्षित है। गुलाबी शहर के जंतर मंतर में पत्थरों से कई बड़ी संरचनाएं बनाई गई हैं जो बड़े और विविध ज्यामितीय रुपों में हैं। दुनिया भर के कलाकारों, वास्तुकारों और इतिहासकारों को जंतर मंतर अपनी ओर आकर्षित करता है।

कुम्भलगढ़ किला
झीलों की नगरी उदयपुर से 84 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर में स्थित कुम्भलगढ़ किला शायद इस इतिहास से भरे शहर का सबसे मुख्य आकर्षण है। मशहूर महाराणा कुम्भ की सरलता की गवाही देता यह किला चित्तौड़गढ़ के दुर्जेय किले के तौर पर ज्यादा मशहूर है।

इसका निर्माण सन् 1445 और 1458 के बीच किया गया था और कहा जाता है कि इसे संप्रति के महल के अवशेषों से बनाया गया था। संप्रति 2 शताब्दी ईसा पूर्व के एक जैन शासक थे। इस किले के अंदर मौजूद एक जैन मंदिर के अवशेष इसकी ओर इशारा करते हंै।

मेहरानगढ़ किला
मेहरानगढ़ किला भारत का विशाल और शानदार किला है जो 150 मीटर उंची पहाड़ी पर स्थित है। यह किला राजस्थान में जोधपुर से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

रणथम्भौर नेशनल पार्क
रणथम्भौर नेशनल पार्क अरावली की पहाडि़यों और विंध्य पठार के बीच में स्थित भारत का एक मशहूर अभयारण्य है। इस अभयारण्य का कुल इलाका 1334 वर्ग किलोमीटर है और यह राॅयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है। इस टाइगर को दिन के समय दलदल और झीलों के पास देखा जा सकता है।

पहले के समय में यह इलाका महाराजाओं के लिए शिकारगाह था। सन् 1955 में इसे खेल अभयारण्य घोषित किया गया और सन् 1980 में यह नेशनल पार्क बना। अंत में सन् 1980 में यह भारत में टाइगर रिजर्व बन गया। रणथम्भौर पार्क के भीतर एक सुंदर खंडहर होने के कारण इसे विरासत स्थल भी घोषित किया गया है।

सरिस्का नेशनल पार्क
सरिस्का नेशनल पार्क अलवर जिले में अरावली की पहाडि़यों में है और इसे सन् 1958 में वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था। इसे सन् 1979 में टाइगर रिजर्व के रुप में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ में शामिल किया गया था। इस पार्क में 800 वर्ग किलोमीटर का विशाल इलाका है और यहां विविध प्रकार के जीव, वनस्पति और पक्षी पाए जाते हैं।

भांडेसर मंदिर
राजस्थान के शाही राज्य में स्थित बीकानेर अपनी समृद्ध संस्कृति और वास्तुकला के बेहतरीन नमूनों वाले मंदिरों और महलों के लिए मशहूर है। भांडेसर मंदिर को बीकानेर का सबसे लोकप्रिय आकर्षण माना जाता है और यह अपनी खूबसूरत आंतरिक सज्जा, भित्तिचित्र और कला के लिए प्रसिद्ध है।

रानी सती मंदिर
जयपुर से 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित झुंझनु राजस्थान का एक ऐतिहासिक शहर है। चैहान वंश का हिस्सा होने के लिए पहचाना जाने वाला झुंझनु हमेशा से ही एक व्यापारिक और व्यवसायिक केंद्र रहा है। झुंझनु अपने धार्मिक स्थलों के लिए भी मशहूर है, जिसमें रानी सती मंदिर सबसे लोकप्रिय है। इस शहर में कई प्रतिष्ठित राजस्थानी हवेलियां भी हैं जिन्हें बारीक नक्काशी और भित्तिचित्रों से सजाया गया है।राजस्थान में देखने योग्य स्थानबिड़ला तारामंडललोहागढ़ किलाविद्याधर गार्डनधबाई कुंडबिरला मंदिरभरतपुर राजकीय संग्रहालयजूलॉजिकल गार्डनचौरासी खम्भों की छतरीगणेश मंदिरगोपाल भवनअल्बर्ट हॉल संग्रहालयरतन दौलतगार्डनगजनेर वन्यजीव अभयारण्यआमेर किलारानीजी की बावड़ीजयगढ़ किलेजैन हवेलियांसिटी पैलेसपद्मिनी का महलजयपुर किलालालगढ़ पैलेसगलताजी मंदिरमीराबाई मंदिरजल महलसादुल संग्रहालयहवा महलकुंभ श्याम मंदिरजौहरी बाजारगंगा सिंह संग्रहालयजंतर मंतरकालिका माता मंदिरकनक वृंदावन गार्डनजूनागढ़ किलाकुम्भलगढ़ किलाजयमल और पत्ता महलकिशनपोल बाजारप्राचीन संग्रहालयमेहरानगढ़ किलाचित्तौड़गढ़ संग्रहालयनाहरगढ़ किलाशिव बाड़ी मंदिररणथम्भौर नेशनल पार्कचित्तौड़गढ़ किलाराज मंदिर सिनेमानवल सागरसरिस्का नेशनल पार्कविक्ट्री टॉवररामगढ़ झीलबूंदी से झालावाड़भांडेसर मंदिरराणा कुंभा महलश्री गोविन्द देव जी मंदिरजैत सागर झीलरानी सती मंदिरटॉवर ऑफ़ फेमसिसोदिया रानी का बागबूंदी से बीजोलियाभरतपुर पक्षी अभयारण्यगंगा मंदिरमूर्ति सर्किलबूंदी के आसपास पर्यटन स्थल

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